देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन:
- देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या (14 अगस्त, 2023) पर राष्ट्रपतिद्रौपदीमूर्मू ने देश के नाम संबोधन दिया:- राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''मेरे प्यारे देशवासियो, देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर आप सभी को मेरी हार्दिक बधाई! यह दिन हम सब के लिए गौरवपूर्ण और पावन है. चारों ओर उत्सव का वातावरण देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है.''उन्होंने देश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी रहा है इसलिए स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव का दिन है. देश के 77 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने किसान से लेकर चंद्रयान तक और आदिवासियों से लेकर महिलाओं के उत्थान तक सरकार द्वारा किए जा रहे कामों का जिक्र किया. उन्होंने देश के विकास के अगले पड़ाव का जिक्र किया जिसमें युवाओं की सहभागिता पर जोर दिया
- महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं :- राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज महिलाएं विकास और देश सेवा के हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं और राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही हैं. आज हमारी महिलाओं ने ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपना विशेष स्थान बना लिया है जिनमें कुछ दशकों पहले उनकी भागीदारी की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. उन्होंने कहा, मैं सभी देशवासियों से आग्रह करती हूं कि वो महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दें, मैं चाहूंगी कि हमारी बहनें और बेटियां साहस के साथ, हर तरह की चुनौतियों का सामना करें और जीवन में आगे बढ़ें.
- भारत पूरी दुनिया के विकास मे अहम भूमिका निभा रहा:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत, पूरी दुनिया में, विकास के लक्ष्यों और मानवीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चूंकि G20 समूह दुनिया की दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह हमारे लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को सही दिशा में ले जाने का एक अद्वितीय अवसर है।
- मुश्किल दौर में भारत की अर्थव्यवस्था दूसरों के लिए आशा का स्रोत बनी:- राष्ट्रपति ने कहा, ''देश ने चुनौतियों को अवसरों में बदला है और प्रभावशाली जीडीपी ग्रोथ भी दर्ज की है. मुश्किल दौर में भारत की अर्थव्यवस्था न केवल समर्थ सिद्ध हुई है, बल्कि दूसरों के लिए आशा का स्रोत भी बनी है. वंचितों को वरीयता प्रदान करना हमारी नीतियों और कार्यों के केंद्र में रहता है. परिणामस्वरूप पिछले दशक में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालना संभव हो पाया है.''
- हमें बहुत आगे जाना है:- राष्ट्रपति ने कहा, ''चंद्रमा का अभियान अंतरिक्ष के हमारे भावी कार्यक्रमों के लिए केवल एक सीढ़ी है. हमें बहुत आगे जाना है.'' उन्होंने कहा, ''अनुसंधान, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए, अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ सरकार द्वारा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन स्थापित किया जा रहा है. यह फाउंडेशन हमारे कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केन्द्रों में रिसर्च और डेवलपमेंट को आधार प्रदान करेगा, उन्हें विकसित करेगा और आगे ले जाएगा.'' उन्होंने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय सौर-ऊर्जा अभियान को भारत ने नेतृत्व प्रदान किया है. विश्व समुदाय को हमने लाइव यानि लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट का मंत्र दिया है. लोभ की संस्कृति दुनिया को प्रकृति से दूर करती है और अब हमें यह एहसास हो रहा है कि हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए.''







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