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Shardiya Navratri 2023 कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

 आज के इस पोस्ट में हम शारदीय नवरात्र के कलश स्थापना के बारे में चर्चा करेंगे.

Shardiya Navratri 2023:- नवरात्रि व्रत की शुरुआत कलश स्थापना से ही होती है. कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि व्रत का संकल्प लिया जाता है. साथ की कलश स्थापना के दिन ही माँ शैलपुत्री (Shailputri) की पूजा आराधना भी की जाती है शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. इस दिन ही कलश स्थापना की जाती है. इसके लिए बहुत सी ज्योतिषीय गणना की जाती है और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त निकाला जाता है इस दिन माँ दुर्गा का प्रथम स्वरुप माँ शैलपुत्री की आराधना और स्तुति की जायेगी.

Shardiya-Navratri-2023-Durga-Puja-Shubh-Muhurat-Kalash-Asthapna-Muhurat-Durga-Pooja and Dussehra Muhurat कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्र

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. सामान्यतया नवरात्रि 9 या 10 दिन की होती है. अधिकतर लोग नवरात्रि के पहले दिन और अष्टमी को व्रत रखते हैं, वहीं 9 दिन के भी व्रत रखे जाते हैं. शारदीय नवरात्रि की दशमी ति​थि को विजयादशी मनाई जाती है, उस दिन दशहरा भी मनाते हैं.

शारदीय नवरात्रि 2023 का शुभारंभ
पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 अक्टूबर शनिवार को रात 11 बजकर 24 मिनट से प्रारंभ हो रही है और यह तिथि 15 अक्टूबर रविवार को देर रात 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि को देखते हुए शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर रविवार से शुरू होगी.

शारदीय नवरात्रि 2023 कलश स्थापना मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करते हैं. इस साल कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त दिन में 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक है. यह उस दिन का शुभ मुहूर्त है. घटस्थापना के लिए आपको 46 मिनट का समय प्राप्त होगा.

शारदीय नवरात्रि 2023 दुर्गा अष्टमी और महानवमी
इस साल शारदीय नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी 22 अक्टूबर को है. उस दिन महागौरी की पूजा करके कन्या पूजन और हवन करते हैं. महानवमी 23 अक्टूबर सोमवार को है.

विजयादशमी 2023 दशहरा
विजयादशमी का उत्सव 24 अक्टूबर दिन मंगलवार को है. उस दिन नवरात्रि का पारण के साथ समापन होगा. 24 अक्टूबर को ही दशहरा मनाया जाएगा. देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा.

नवरात्रि 2023 दूर्गा पूजा कैलेंडर
15 अक्टूबर, रविवार: घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा
16 अक्टूबर, सोमवार: ब्रह्मचारिणी पूजा
17 अक्टूबर, मंगलवार: चन्द्रघण्टा पूजा
18 अक्टूबर, बुधवार: कूष्माण्डा पूजा, विनायक चतुर्थी
19 अक्टूबर, गुरुवार: स्कन्दमाता पूजा
20 अक्टूबर, शुक्रवार: कात्यायनी पूजा
21 अक्टूबर, शनिवार: कालरात्रि पूजा
22 अक्टूबर, रविवार: दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा, कन्या पूजा
23 अक्टूबर, सोमवार: महानवमी, हवन
24 अक्टूबर, मंगलवार: विजयादशमी, दशहरा, नवरात्रि पारण, दुर्गा विसर्जन

नोट : इस पोस्ट में बताई गयी जानकारी किसी योग्य पुरोहित या ज्योतिष से सत्यापित अवस्य कर लें.
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Indian Cricket World Cup 2023 15 सदस्यीय भारतीय टीम के नाम और भारतीय टीम का कार्यक्रम

 Indian Cricket World Cup 2023 15 सदस्यीय भारतीय टीम के नाम और भारतीय टीम का कार्यक्रम


वर्ल्ड कप 2023 के लिए भारतीय टीम का कार्यक्रम :-

8 अक्टूबर- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- चेन्नई
11 अक्टूबर- भारत बनाम अफगानिस्तान- दिल्ली
14 अक्टूबर- भारत बनाम पाकिस्तान- अहमदाबाद
19 अक्टूबर- भारत बनाम बांग्लादेश- पुणे
22 अक्टूबर- भारत बनाम न्यूजीलैंड- धर्मशाला
29 अक्टूबर- भारत बनाम इंग्लैंड- लखनऊ
2 नवंबर- भारत बनाम श्रीलंका- मुंबई
5 नवंबर- भारत बनाम साउथ अफ्रीका- कोलकाता
12 नवंबर- भारत बनाम नेदरलैंड्स- बैंगलोर
15 नवंबर -पहला सेमीफाइनल- मुंबई
16 नवंबर- दूसरा सेमीफाइनल- कोलकाता
19 नवंबर- फाइनल- अहमदाबाद

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Indian Cricket World Cup 2023 भारतीय टीम का एलान

Indian Cricket World Cup 2023 भारतीय टीम का एलान

विश्व कप के लिए भारतीय टीम का एलान कर दिया गया है। श्रीलंका के कैंडी में  प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम की घोषणा की। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने 5 सितंबर को टीम इंडिया के 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की. रोहित शर्मा के हाथों में टीम की कमान होगी और हार्दिक पंड्या उप कप्तान होंगे। भारत में पांच अक्तूबर से 19 नवंबर तक यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। 


ये है विश्व कप के लिए भारतीय टीम:-
(1) रोहित शर्मा (कप्तान) (2) हार्दिक पांड्या (उप-कप्तान) (3) शुभमन गिल (4) विराट कोहली (5) श्रेयस अय्यर (6) केएल राहुल (7) रवींद्र जडेजा (8) शार्दुल ठाकुर (9) जसप्रीत बुमराह (10) मोहम्मद सिराज (11) कुलदीप यादव (12) मोहम्मद शमी (13) अक्षर पटेल (14) ईशान किशन (15) सूर्यकुमार यादव

भारत में पांच अक्तूबर से 19 नवंबर तक यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 10 टीमें उतरने वाली हैं सभी 10 टीमों शुरुआती स्टेज में आपस में 1-1 मैच खेलना होगा. मतलब भारतीय टीम विश्व कप में उतरने वाली बाकी की 9 टीमों से 1-1 मुकाबला खेलेगी. पहले दौर के बाद जो चार टीमें टॉप पर होंगी वह सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. इसके बाद फाइनल में होगी ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की टक्कर।

वर्ल्ड कप 2023 के लिए भारतीय टीम का कार्यक्रम :-
8 अक्टूबर- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- चेन्नई
11 अक्टूबर- भारत बनाम अफगानिस्तान- दिल्ली
14 अक्टूबर- भारत बनाम पाकिस्तान- अहमदाबाद
19 अक्टूबर- भारत बनाम बांग्लादेश- पुणे
22 अक्टूबर- भारत बनाम न्यूजीलैंड- धर्मशाला
29 अक्टूबर- भारत बनाम इंग्लैंड- लखनऊ
2 नवंबर- भारत बनाम श्रीलंका- मुंबई
5 नवंबर- भारत बनाम साउथ अफ्रीका- कोलकाता
12 नवंबर- भारत बनाम नेदरलैंड्स- बैंगलोर
15 नवंबर -पहला सेमीफाइनल- मुंबई
16 नवंबर- दूसरा सेमीफाइनल- कोलकाता
19 नवंबर- फाइनल- अहमदाबाद

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Flex Fuel Car Launched: नितिन गडकरी ने लॉन्च की देश की पहली इथेनॉल पर चलने वाली टोयोटा इनोवा, अपने तरह की दुनिया की पहली कार।

Flex Fuel Car Launched: नितिन गडकरी ने लॉन्च की देश की पहली इथेनॉल पर चलने वाली टोयोटा इनोवा, अपने तरह की दुनिया की पहली कार।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 29 अगस्त को देश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल से चलने वाली टोयोटा इनोवा का दुनिया का पहला वर्जन लॉन्च किया।

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इथेनॉल, गन्ने से चीनी उत्पादन की प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला एक बाई प्रोडक्ट है. यह पेट्रोल की तुलना में अधिक किफायती है और पेट्रोल का एक बेहतर विकल्प है

यह टोयोटा किर्लोस्कर मोटर द्वारा विकसित बीएस-6 (स्टेज II) 'इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल का दुनिया का पहला प्रोटोटाइप है। इस कार्यक्रम में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे। इस मौके पर गडकरी ने कहा, "हमने बहुत सी पहल की हैं लेकिन हमें और अधिक कदम उठाने की जरूरत है क्योंकि प्रदूषण एक समस्या है

सरकार दे  रही  है ऐसे वाहनों को प्रोत्साहन :-

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी कार निर्माताओं को ऐसे वाहनों को डिजाइन और विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं जो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करते हैंअधिक पर्यावरण के अनुकूल हैं  और इस प्रकार, कम कार्बन फुटप्रिंट रखते हैं। पिछले साल, गडकरी ने टोयोटा मिराई ईवी पेश की, जो पूरी तरह से हाइड्रोजन-जनित बिजली पर चलती है।

तेल के आयात पर घटेगी भारत की निर्भरता :-

इथेनॉल से चलने वाली टोयोटा इनोवा के लॉन्च होने से आने वाले समय में भारत को काफी ज्यादा फायदा हो सकता है। इस कार के लॉन्च होने से भारत की तेल आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। इसके अलावा देश की पेट्रोल और डीजल की डिमांड में भी कमी सकती है। टोयोटा के एक बयान के अनुसार, टोयोटा इनोवा का इथेनॉल-फ्यूल वर्जन दुनिया का पहला बीएस-VI (स्टेज-II) 'इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल' होगा।

टोयोटा की यह नई कार 40 फीसदी इथेनॉल और 60 फीसदी इलेक्ट्रिक एनर्जी पर चलेगी। वैकल्पिक ईंधन और प्रदूषण को कम करने की दिशा में भारत सरकार का यह अहम कदम माना जा रहा है। 60 फीसदी इलेक्ट्रिक और 40 फीसदी बायो इथेनॉल से चलने की वजह से माइलेज की भरपाई भी की जा सकेगी। बता दें कि फ्लेक्स फ्यूल एक कास तरह की टेक्नोलॉजी है जिसके जरिए कारों में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है।



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Chandrayaan-3 Landing Latest Update लैंडर से बाहर आते ही एक्टि व हुआ प्रज्ञान का सोलर पैनल

 Chandrayaan-3:लैंडर से बाहर आते ही एक्टि व हुआ प्रज्ञान का सोलर पैनल


चंद्रयान-3 का लॉन्च सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई, 2023 शुक्रवार को भारतीय समय अनुसार दोपहर 2:35 बजे हुआ था।

भारत के मिशन चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरकर इतिहास रच दिया है. इसके साथ ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है. चांद पर लैंडिंग के बाद लैंडर से बाहर आए रोवर 'प्रज्ञान' ने अपना काम करना शुरू कर दिया है

इसरो अपने तीसरे चंद्रयान-3 मिशन को लेकर हर कुछ घंटों बाद नई-नई जानकारियां दे रहा है।

स्पेस एजेंसी ने बड़ी खुशखबरी देते हुए एक ताजा वीडियो शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि दो सैगमेंट वाले विक्रम लैंडर के रैंप ने रोवर को नीचे उतरने में मदद की इसके बाद रोवर का सोलर पैनल भी खुल गया, ताकि पावर जेनरेट की जा सके।

प्रज्ञान रोवर क्या काम कर रहा है:- यह चंद्रमा की सतह पर घूमकर शोध करेगा और जानकारी जुटाएगा प्रज्ञान रोवर पर दो पेलोड्स लगें हैं.पहला है लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप यह चांद की सतह पर मौजूद केमकल्स यानी रसायनों की मात्रा और गुणवत्ता की स्टडी करेगा. साथ ही खनिजों की खोज करेगा 

दूसरा पेलोड है अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर यह एलिमेंट कंपोजिशन की स्टडी करेगा. चंद्रमा की सतह पर उपलब्ध रासायनिक और प्राकृतिक तत्वों, मिट्टी, पानी आदि पर वैज्ञानिक प्रयोग करना। इनकी खोज लैंडिंग साइट के आसपास चांद की सतह पर की जाएगी

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Chandrayaan-3 ने रचा इतिहास, चांद पर की सफल लैंडिंग

 Chandrayaan-3 ने रचा इतिहास, चांद पर की सफल लैंडिंग


अंतरिक्ष जगत में भारत ने इतिहास रच दिया है। 24 अगस्त 2023 की यह तारीख भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई है।

  • Chandrayaan-3 Landing :- चंद्रयान-3 ने इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 का लैंडर बुधवार शाम चंद्रमा की सतह पर उतर गया। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल ने शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की। ये भारत के लिए ऐतिहासिल पल है।दुनिया भर के लोग भारत के इस मिशन पर नजर बनाए हुए थे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मिशन चंद्रयान-3 सफल हो गया है। चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग हो गई है। चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग के साथ भारत चंद्रमा पर पहुंचने वाला चौथा देश बन गया है।भारत के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण भी है और एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी। मिशन चंद्रयान- 3 कामयाबी की ओर भारत के एक और कदम के बाद हर ओर खुशियां हैं।
  • पीएम मोदी ने दी शुभकामना:- मैं टीम चंद्रयान को, इसरो को और देश के सभी वैज्ञानिकों को जी-जान से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। जिन्होंने इस क्षण के लिए वर्षों से इतना परिश्रम किया। हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम से भारत उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच सका है। प्रधानमंत्री ने कहा जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं तो गर्व होता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्र जीवन की चेतना बन जाती हैं। यह पल अविस्मरणीय है। यह क्षण अभूतपूर्व है। यह क्षण विकसित भारत के शंखनाद का है। यह क्षण नए भारत के जयघोष का है। यह क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है। यह क्षण जीत के चंद्रपथ पर चलने का है। यह क्षण 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है। यह क्षण भारत की नई ऊर्जा, नई चेतना का है। यह क्षण भारत के उदीयमान भाग्य के आह्वान का है। अमृतकाल की प्रथम प्रभा में सफलता की अमृत वर्षा हुई है।
  • इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने दी टीम को बधाई:- इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर अपनी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ये बहुत खुशी की बात है और ये कोई आसान काम नहीं था। चंद्रयान 2 से हमे बहुत कुछ सीखने को मिला था। अगले 14 दिन काफी रोचक होने वाले हैं।



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मिशन चंद्रयान-3 के बारे में कुछ खास जानकारी

 चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 के बाद चंद्रयान-3 भारत का तीसरा चंद्रयान मिशन है।

Chandrayaan-3

मिशन का उद्देश्य: चंद्रयान -3 का प्राथमिक उद्देश्य संभवतः चंद्रमा की खोज जारी रखना, वैज्ञानिक अनुसंधान करना और इसके भूविज्ञान, सतह की विशेषताओं और संभवतः इसकी जल बर्फ सामग्री को बेहतर ढंग से समझने के लिए डेटा एकत्र करना होगा। चंद्रयान-3 का प्राथमिक उद्देश्य चंद्रमा की सतह, विशेष रूप से इसकी स्थलाकृति, खनिज विज्ञान और मौलिक प्रचुरता का और अध्ययन करना है।

लैंडर और रोवर: चंद्रयान-3 में चंद्रयान-2 की तरह ही एक लैंडर और एक रोवर शामिल होने की उम्मीद है। लैंडर चंद्रमा की सतह को छूएगा, और रोवर आसपास का पता लगाएगा।

सरलीकरण: चंद्रयान-3 को चंद्रयान-2 की आंशिक सफलता के बाद मिशन वास्तुकला को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें लैंडिंग के अंतिम चरण के दौरान इसके लैंडर के साथ संचार विफलता का सामना करना पड़ा था।

सहयोग: अपने पूर्ववर्तियों की तरह, चंद्रयान-3 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों और संगठनों के बीच सहयोग शामिल होने की संभावना है।

पेलोड: मिशन में चंद्रमा की संरचना और गुणों सहित उसकी सतह का विश्लेषण करने के लिए वैज्ञानिक उपकरण और पेलोड ले जाने की उम्मीद है।

प्रक्षेपण यान: चंद्रयान-3 को एक उपयुक्त प्रक्षेपण यान का उपयोग करके अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा, जो संभवतः भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) या जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) का एक पुनरावृत्ति होगा।

प्रक्षेपण स्थल: प्रक्षेपण भारत के श्रीहरिकोटा में स्थित इसरो के स्पेसपोर्ट, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) एसएचएआर से होने की उम्मीद है।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: चंद्रयान-3 में विशेषज्ञता, संसाधन और डेटा साझा करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों, संस्थानों या देशों के साथ सहयोग शामिल हो सकता है।

वैज्ञानिक खोजें: चंद्रयान-3 का उद्देश्य चंद्रमा की भूविज्ञान, उसके इतिहास और संसाधनों के स्रोत के रूप में इसकी क्षमता के बारे में हमारी समझ में योगदान देना है। यह ग्रह विज्ञान के व्यापक क्षेत्र में अंतर्दृष्टि भी प्रदान कर सकता है

लॉन्च वाहन: इसरो चंद्र प्रक्षेपवक्र में इंजेक्ट होने से पहले अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा में ले जाने के लिए जीएसएलवी एमके III जैसे उपयुक्त लॉन्च वाहन का चयन करेगा।

अंतरिक्ष यान डिज़ाइन: अंतरिक्ष यान में एक ऑर्बिटर और एक लैंडर/रोवर मॉड्यूल शामिल होगा। ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में रहेगा और रिमोट सेंसिंग और वैज्ञानिक अवलोकन जारी रखेगा। लैंडर/रोवर मॉड्यूल को चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित रूप से छूने और यथास्थान माप करने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा।

वैज्ञानिक पेलोड: ऑर्बिटर और लैंडर/रोवर चंद्रमा का अध्ययन करने के लिए विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक उपकरण ले जाएंगे। इनमें चंद्रमा की सतह, संरचना और संभावित संसाधनों का विश्लेषण करने के लिए कैमरे, स्पेक्ट्रोमीटर, सिस्मोमीटर और अन्य उपकरण शामिल हो सकते हैं।

लैंडिंग साइट का चयन: इसरो वैज्ञानिक प्राथमिकताओं और इंजीनियरिंग विचारों के आधार पर एक उपयुक्त लैंडिंग साइट का चयन करेगा। वैज्ञानिक अनुसंधान और सुरक्षित लैंडिंग के लिए सर्वोत्तम अवसर प्रदान करने के लिए साइट का चयन संभवतः किया जाएगा।

लैंडर अवतरण और रोवर संचालन: लैंडर चंद्रमा की सतह पर नियंत्रित अवतरण करेगा। यदि एक रोवर को शामिल किया जाता है, तो यह तत्काल आसपास के क्षेत्र को तैनात और अन्वेषण करेगा, प्रयोग करेगा और डेटा वापस भेजेगा।

संचार: अंतरिक्ष यान भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) और ग्राउंड स्टेशनों सहित विभिन्न संचार चैनलों का उपयोग करके पृथ्वी के साथ संचार करेगा।

मिशन की अवधि: मिशन की अवधि अंतरिक्ष यान के डिजाइन, ईंधन की उपलब्धता और मिशन के उद्देश्यों जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। ऑर्बिटर का जीवनकाल कई वर्षों का हो सकता है, जबकि रोवर की परिचालन समयावधि कम हो सकती है।

वैज्ञानिक खोजें: चंद्रयान-3, अपने पूर्ववर्तियों की तरह, चंद्रमा के इतिहास, भूविज्ञान और संभावित संसाधनों की हमारी समझ में योगदान देगा। यह सौर मंडल के प्रारंभिक इतिहास में चंद्रमा की भूमिका के बारे में हमारे ज्ञान को आगे बढ़ाने में भी मदद कर सकता है।

चंद्रयान-3 के बारे में नवीनतम और सटीक जानकारी के लिए, मैं इसरो या प्रतिष्ठित अंतरिक्ष समाचार स्रोतों की आधिकारिक वेबसाइट और प्रेस विज्ञप्ति देखने की सलाह देता हूं।

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77वां स्वतंत्रता दिवस 2023: लालकिले से PM मोदी के भाषण

  77वां स्वतंत्रता दिवस 2023:  लालकिले से PM मोदी के भाषण

आज लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार 10 वीं बार देश को संबोधित किया-प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए भाषण में देशवासियों को एकजुट होकर देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान प्रधानमंत्री आत्मविश्वास से सराबोर दिखाई दिए और कहा कि 2047 तक देश को विकसित बनाना है।
  • स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम चुनाव 2024 का एजेंडा सेट कर दिया। लालकिले के प्राचीर से पीएम मोदी ने जनता से मदद भी मांगी और आशीर्वाद भी।
  • मोदी ने कहा क‍ि अगले 5 साल 'अभूतपूर्व विकास' के हैं। उन्होंने ऐलान किया अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके सामर्थ्य, आपके संकल्प, उसमें हुई प्रगति, उसकी सफलता और गौरवगान.पूरे आत्मविश्वास से आपके सामने प्रस्तुत करूंगा।'
  • मोदी ने लालकिले की प्राचीर से कहा, ' नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है, ये संकल्पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है। इसलिए ये भारत, न रुकता है, न थकता है, न हांफता है और न ही ये भारत हारता है। 
  • आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़ करके, लक्ष्यों को तय करके, लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चल रहा है। लालकिले के प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा, 'अगर सपनों को सिद्ध करना है और संकल्प को पार करना है तो हमें तीन बुराइयों से लड़ना होगा। पहली लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है, दूसरी लड़ाई परिवारवाद के खिलाफ है, और तीसरी लड़ाई तुष्टिकरण के खिलाफ है। भ्रष्टाचार ने हमारे देश को दीमक की तरह नोंच लिया है. लेकिन ये मोदी के जीवन का कमिटमेंट है कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। दूसरा, परिवारवाद ने हमारे देश को नोंच लिया है। इस परिवारवाद जिस तरह से देश को जकड़ के रखा है, इसने लोगों का हक छीना है। तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। इस तुष्टिकरण ने देश की मूलभूत चिंतन को,हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया है। इसलिए हमें इन बुराइयों.भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण के साथ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है।'
  • 2014 में हम वैश्विक अर्थव्यस्था में 10वें नंबर पर थे और आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरूषार्थ रंग लाया है और हम विश्व की 5वीं अर्थव्यस्था बन चुके हैं। ये ऐसे ही नहीं हुआ है, लीकेज को हमने बंद किया, मजबूत अर्थव्यस्था बनाई, हमने गरीब कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा धन खर्च करने का प्रयास किया।
  • हमने पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से ढाई लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में जमा किए हैं। हर घर में शुद्ध पानी पहुंचे, हमने जल जीवन मिशन पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
  • हमने आयुष्मान भारत योजना के तहत हमने 70 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि गरीब को दवाई मिले, उनका अच्छे से इलाज हो। हमने पशुधन को बचाने के लिए करीब-करीब 15 हजार करोड़ रुपये टीकाकरण के लिए लगाये हैं।
  • जन औषधि केन्द्रों ने देश के सीनियर सिटिजन को, देश के मध्यमवर्गीय परिवार को एक नई ताकत दी है।इसकी सफलता को देखते हुए अब देश में 10 हजार जनऔषधि केन्द्र से बढ़ाकर 25 हजार जन औषधि केन्द्र बनाने का लक्ष्य रखा है।
  • देश जब आर्थिक रूप से समृद्ध होता है तो सिर्फ तिजोरी नहीं भरती है। देश का सामर्थ्य बढ़ता है, देशवासियों का सामर्थ्य बढ़ता है।
  • देश में रेल आधुनिक हो रही है तो वंदे भारत ट्रेन भी आज देश के अंदर काम कर रही है। गांव-गांव पक्की सड़कें बन रही हैं तो इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो की रचना भी आज देश में हो रही है। आज गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच रहा है।
  • भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए। पिछले कालखंड की तुलना में हमें सफलता भी मिली है लेकिन हम इतने से संतोष नहीं मान सकते। मेरे देशवासियों पर महंगाई का बोझ कम से कम हो, इस दिशा में मुझे और भी कदम उठाने हैं और मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
  • लाल किले की प्राचीर से बाहर निकलकर प्रधानमंत्री हर साल की तरह इस साल भी बच्चों से मिले। बच्चों से उन्होंने नारे भी लगवाए। इसके हाथ हिलाकर उन्होंने विशेष अतिथियों का  भी अभिवादन किया।
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देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन:

देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन:

77 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन

  • देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या (14 अगस्त, 2023) पर राष्ट्रपतिद्रौपदीमूर्मू ने देश के नाम संबोधन दिया:- राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''मेरे प्यारे देशवासियो, देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर आप सभी को मेरी हार्दिक बधाई! यह दिन हम सब के लिए गौरवपूर्ण और पावन है. चारों ओर उत्सव का वातावरण देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है.''उन्होंने देश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी रहा है इसलिए स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव का दिन है. देश के 77 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने किसान से लेकर चंद्रयान तक और आदिवासियों से लेकर महिलाओं के उत्थान तक सरकार द्वारा किए जा रहे कामों का जिक्र किया. उन्होंने देश के विकास के अगले पड़ाव का जिक्र किया जिसमें युवाओं की सहभागिता पर जोर दिया
  • महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं :- राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज महिलाएं विकास और देश सेवा के हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं और राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही हैं. आज हमारी महिलाओं ने ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपना विशेष स्थान बना लिया है जिनमें कुछ दशकों पहले उनकी भागीदारी की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. उन्होंने कहा, मैं सभी देशवासियों से आग्रह करती हूं कि वो महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दें, मैं चाहूंगी कि हमारी बहनें और बेटियां साहस के साथ, हर तरह की चुनौतियों का सामना करें और जीवन में आगे बढ़ें.
  • भारत पूरी दुनिया के विकास मे अहम भूमिका निभा रहा:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत, पूरी दुनिया में, विकास के लक्ष्यों और मानवीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चूंकि G20 समूह दुनिया की दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह हमारे लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को सही दिशा में ले जाने का एक अद्वितीय अवसर है।
  • मुश्किल दौर में भारत की अर्थव्यवस्था दूसरों के लिए आशा का स्रोत बनी:- राष्ट्रपति ने कहा, ''देश ने चुनौतियों को अवसरों में बदला है और प्रभावशाली जीडीपी ग्रोथ भी दर्ज की हैमुश्किल दौर में भारत की अर्थव्यवस्था केवल समर्थ सिद्ध हुई है, बल्कि दूसरों के लिए आशा का स्रोत भी बनी हैवंचितों को वरीयता प्रदान करना हमारी नीतियों और कार्यों के केंद्र में रहता है. परिणामस्वरूप पिछले दशक में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालना संभव हो पाया है.''
  • हमें बहुत आगे जाना है:- राष्ट्रपति ने कहा, ''चंद्रमा का अभियान अंतरिक्ष के हमारे भावी कार्यक्रमों के लिए केवल एक सीढ़ी है. हमें बहुत आगे जाना है.'' उन्होंने कहा, ''अनुसंधान, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए, अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ सरकार द्वारा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन स्थापित किया जा रहा है. यह फाउंडेशन हमारे कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केन्द्रों में रिसर्च और डेवलपमेंट को आधार प्रदान करेगा, उन्हें विकसित करेगा और आगे ले जाएगा.'' उन्होंने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय सौर-ऊर्जा अभियान को भारत ने नेतृत्व प्रदान किया है. विश्व समुदाय को हमने लाइव यानि लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट का मंत्र दिया है. लोभ की संस्कृति दुनिया को प्रकृति से दूर करती है और अब हमें यह एहसास हो रहा है कि हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए.''

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